बिहारी जी का जन्म 1603 ई. में ग्वालियर में हुआ था. इनका पूरा नाम बिहारीलाल चौबे था. इन्हें हिंदी साहित्य के रीतिकाल के प्रसिद्ध महाकवि के रूप में जाना जाता है. इनके पिता का नाम केशवराय था.
इनकी प्रमुख रचना सतसई थी. सतसई में लिखे हुए दोहे छोटे जरुर हैं लेकिन उनमें अत्यधिक ज्ञान मौजूद है. बिहारी जी राजा जयसिंह के राजकवि थे.
आज इस पोस्ट में हम बिहारी जी के कुछ विख्यात दोहे लेकर आये हैं उनके अर्थ सहित.
