Lifestyle

Surdas

Editorial Team1 min read1 viewsNo Comments
Surdas

सूरदास को हिंदी जगत के भक्तिकाल के महान कवि के रूप में जाना जाता है. इन्होने श्री कृष्ण का जो मनोहारी चित्रण किया है वह कहीं और नहीं मिलता. सूरदास ने अंधे होने के बाद भी श्री कृष्ण का जो सुन्दर और सजीव चित्रण किया है वह बहुत ही सराहनीये है. सूरदास बल्लभाचार्य के शिष्य थे.

इनका जन्म 1478 में रुनकता नामक गाँव, उत्तरप्रदेश में हुआ था. इनके पिता का नाम पंडित रामदास था; जो की गायक थे. इन्होने सूरसागर ,सूरसरावली ,साहित्यलहरी ,नल-दमयन्ती ,ब्याहलो नामक रचनाएँ की है. इनकी मृत्यु 1580 में पारसौली गाँव में हुई थी; जो गोवर्धन के निकट स्थित है.

सूरदास को 16वीं सदी के एक अन्धें हिन्दू गायक और कवि के रूप में जाना जाता है, जो श्री कृष्ण की महिमा के गीत लिखते थे. इनकी रचना ब्रज भाषा में थी. इन्हें ब्रज भाषा का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है और इन्हें हिंदी साहित्य का सूर्य कहा जाता है.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *