कभी हार मत मानो
जब परिस्थितियाँ गड़बड़ हों, जैसी वे कई बार होंगी।
जब जिस राह पर आप चल रहे हों, उस पर चढ़ाई ही चढ़ाई हो।
जब पैसे कम हों और कर्ज के पहाड़ ऊँचे हों।
और आप मुस्कुराना चाहते हों, लेकिन आह निकलती हो
जब चिंता आपको नीचे धकेल रही हो।
तब अगर आराम करना हो, तो आराम करो, लेकिन हार मत मानो।
जिंदगी के मोड़ और घुमाव भी अजीब हैं।
जैसा हममें से हर व्यक्ति बहुत बार सीखता है।
और कई असफलताएँ पलट जाती हैं
जब इंसान जीत सकता था, अगर वह जुटा रहता
कभी हार मत मानो, हालाँकि गति धीमी नज़र आती हो
आप एक और प्रहार के साथ सफल हो सकते हैं।
सफलता असफलता के भीतर छिपी होती है
शंका के बादलों की सफ़ेद किनारी होती है।
और आप कभी नहीं जान सकते कि आप कितने क़रीब हैं।
जब यह बहुत दूर नज़र आता है, तो यह करीब ही हो सकता है
इसलिए संघर्ष करते रहें, जब आप पर सबसे तेज़ प्रहार हो
जब चीजें सबसे बुरी नज़र आएँ, तो कभी हार मत मानो।
नन्हीं आँखों के घेरे में
रात और दिन दो नन्हीं आँखें देखे तुझको
तेरे हर इक शब्द पर उसके कान लगे हैं
उसके छोटे हाथ चाहें तुझ-सा ही करना
ख्वाबों में भी देखे वो तुझ-सा ही बनना
सबसे बुद्धिमान तुम उसके आदर्श बने हो
रत्ती-भर संदेह नहीं है उसको तुझ पर
भक्ति भाव से करता वो विश्वास है तुझी पर
तेरी कथनी-करनी ही सवार है उस पर
तुझ-सा गर वो कहे-करेगा
तभी तो बन पाएगा तुझ-सा
आश्चर्यचकित वो नन्हा-मुन्ना
करें अटूट विश्वास है तुझ पर
उसकी आँखें तुझे दिन-रात तके हैं
बनाएँ राह अपने नित्य-कर्म से
उसके लिए जो इंतज़ार में है
बड़ा होकर तुझ-सा बनने की
‘विलियम जे बेनेट द्वारा संपादित ‘द मॉरल कम्पास से’, साइमन एंड स्कस्टर, न्यूयार्क, सन् 1995, पृष्ट 523-24
बच्चे वही सीखते हैं जो जीते हैं
अगर बच्चा आलोचना के माहौल में रहता है तो वह निंदा करना सीखता है।
अगर बच्चा प्रशंसा के माहौल में रहता है तो तारीफ़ करना सीखता है।
अगर बच्चा लड़ने के माहौल में रहता है तो झगड़ना सीखता है।
अगर बच्चा सहनशीलता के माहौल में रहता है तो धैर्य सीखता है।
अगर बच्चा बेहूदे और खिल्ली उड़ाने वाले गाहील में रहता है तो संकोच करना सीखता है।
अगर बच्चा प्रोत्साहन वाले माहौल में रहता है तो आत्मविश्वास सीखता है।
अगर बच्चा शर्मिदगी के माहौल में रहता है तो वह खुद को दोषी मानना सीखता है।
अगर बच्चा समर्थन करने वाले माहौल में रहता है तो वह खुद को पसंद करना सीखता है।
अगर बच्चा न्यायसंगत माहौल में रहता है तो इंसाफ करना सीखता है।
अगर बच्चा सुरक्षा के माहौल में रहता है तो वह भरोसा करना सीखता है।
अगर बच्चा सहमति और दोस्ती के माहौल में रहता है तो वह दुनिया में प्यार ढूँढ लेना सीखता है।
मुस्कान
मुस्कान की कोई कीमत नहीं होती, मगर यह बहुत कुछ रचती है
यह पाने वाले को खुशहाल करती है, देने वाले का कुछ घटता नही
यह अधिक होती है लेकिन यह यादों में सदा के लिए रह सकती है
कोई इतना अमीर नहीं कि इसके बगैर काम चला ले,
और कोई इतना ग़रीब नहीं कि इसके फायदों को न पा सके
यह घर में खुशहाली लाती है, व्यापार में ख्याति बढ़ाती है,
और यह दोस्तों की पहचान है।
यह थके हुओं के लिए आराम है, निराश लोगों के लिए रोशनी,
उदास के लिए सुनहरी धूप, और हर मुश्किल के लिए
कुदरत की सबसे अच्छी दवा। तब भी न तो यह भीख में, न खरीदने से,
न उधार माँगने से, और न चराने से मिलती है
क्योंकि यह एक ऐसी चीज़ है जो तब तक किसी काम की नहीं,
जब तक आप इसे किसी को दे न दें।
दिनभर की भागदौड़ में कुछ परिचित हो सकते है
कि इतने थके हो कि मुस्करा न सके।
तो उन्हें अपनी ही मुस्कान दीजिए।
किसी को मुस्कान की उतनी जरूरत नहीं होती, जितनी कि उसे,
जो खुद किसी को अपनी मुस्कान न दे सके।
द बेस्ट आफ ….बिट्स एंड पीसेज’ से, इकोनॉमिक प्रेस, फेयरफ़ील्ड, एन जे, सन् 1994, पृष्ठ 170
आप खुश होंगे, तो लोग आपके पास आएँगे
आप दुखी होंगे तो वे आँखें चुराएँगे
वे आपकी सारी खुशियाँ बाँटना चाहते हैं
मगर उन्हें आपका दुख नहीं चाहिए
अगर आप खुश हैं तो आपके बहुत सारे दोस्त होंगे
आपके दुखी होने पर वे आपसे किनारा कर लेंगे –
आपके मधुरतम पैग को कोई नहीं नकारेगा
मगर जिंदगी के कड़वे घूँट आपको अकेले ही पीने पड़ेंगे।
एला व्हीलर विलकॉक्स
दुख झेलने वालों के लिए एक नसीहत
मैंने ईश्वर से शक्ति माँगी थी, ताकि मैं कुछ हासिल कर सकूँ
उसने मुझे कमज़ोर बताया, कि मैं दूसरों की सेवा अदब से करूँ. . .
मैंने सेहत माँगी थी, ताकि मैं बड़े काम कर सकूँ।
मुझे दुर्बलता मिली, ताकि मैं अच्छे काम कर सकूँ .
मैंने धन-दौलत मांगी थी, ताकि मैं खुश रह सकूँ।
मुझे गरीबी मिली, ताकि मैं बुद्धिमान बन सकूँ.
मैने रुतबा माँगा था, ताकि लोग मुझे सराहें।
मुझे असहाय बनाया, ताकि मैं ईश्वर की ज़रूरत महसूस करूँ..
मैंने सब चीजें माँगी थी, ताकि मेरा जीवन खुशहाल हो।
मुझे सिर्फ जीवन मिला, ताकि मैं हर चीज़ से खुशी पा सकूँ..
मैने जो भी माँगा नहीं मिला मगर वह सब कुछ मिला जिसकी आशा की थी
मेरे ऐसा करने के बावजूद, मेरी अनकही प्रार्थना सुनी गई।
मुझ पर सब इंसानों से ज्यादा कृपा हुई।
रास्ता बनाने वाला
एक बुजुर्ग, जो एक सुनसान सड़क पर जा रहा था,
शाम होते-होते ठंडा और ठिठुरता पहुँचा,
एक लंबे, गहरे और चौड़े दर्रे के क़रीब,
जिसके अंदर तेज़ पानी बह रहा था।
बुजुर्ग ने शाम के धुंधलके में उसे पार किया;
पानी की धारा से उसे कोई डर नहीं लगा;
मगर वह पीछे मुड़ा, सुरक्षित पार कर जाने के बाद,
और उन लहरों के आर-पार एक पुल बनाया।
“ओ बुजुर्ग” एक साथी यात्री ने उसे पुकारा,
“तुम इसे बनाने में बेकार मेहनत कर रहे हो;
तुम्हारी यात्रा दिन के ढलते ही ख़त्म हो जाएगी;
और फिर तुम कभी इस रास्ते से नहीं गुज़रोगे;
तुमने इस चौड़े और गहरे दर्रे को पार कर लिया है
तुम इस धारा पर पुल क्यों बना रहे हो?”
उस बुजुर्ग ने अपने सिर को उठाकर कहा,
“प्यारे दोस्त, जिस रास्ते से मैं आया हूँ,
उस राह में मेरे पीछे आ रहा है
एक नौजवान, जिसे यहीं से गुजरना है।
यह दर्रा जो मेरे लिए मुश्किल रहा है,
उस सजीले नौजवान के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है।
उसे भी शाम के धुंधलके में पार करना पड़ेगा;
मेरे दोस्त, मैं यह पुल उस नौजवान के लिए बना रहा हूँ।”
विंग एलेन ड्रमगुले
सदा मुस्कुराना और सबको प्यार करना
गुणी जनो का सम्मान पाना
बच्चों के दिल में रहना
सच्चे आलोचकों से स्वीकृति पाना
झूठे दोस्तों की दगाबाज़ी को सहना
खूबसूरती को सराहना
दूसरों में खूबियाँ तलाशना
किसी उम्मीद के बिना
दूसरों के लिए खुद को अर्पित करना
उत्साह के साथ हँसना और खेलना
और मस्ती भरे तराने गाना,
इस बात का अहसास कि
आपकी जिंदगी ने किसी एक व्यक्ति का
जीवन आसान बनाया
यही सच्ची सफलता है।
अगर आप सोचते हैं
अगर आप सोचते हैं कि आप हार गए हैं
तो आप हारे हैं
अगर आप सोचते हैं कि आप में हौसला नहीं है
तो सचमुच नहीं है
अगर आप जीतना चाहते हैं
मगर सोचते हैं कि जीत नहीं सकते
तो निश्चित है कि आप नहीं जीतेंगे
अगर आप सोचते हैं कि हार जाएँगे
तो आप हार चुके हैं
क्योंकि हम दुनिया में देखते हैं कि
सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती है
ये सब कुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है
अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गए हैं
तो आप पिछड़ गए हैं
तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी
कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले
आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा।
जीवन की लड़कियाँ हमेशा
सिर्फ तेज़ और मजबूत लोग ही नहीं जीतते बल्कि
आज नहीं तो कल जीतता वही आदमी है
जिसे यकीन है कि वह जीतेगा।
आप बचत को नज़रअंदाज़ करके खुशहाल नहीं हो सकते।
आप मज़बूत को कमजोर करके कमज़ोर को मज़बूत नहीं बना सकते।
आप अमीरों को ग़रीब बनाकर ग़रीबों को अमीर नहीं बना सकते।
आप रोजगार देने वाले को नुक़सान पहुँचाकर रोजगार लेने वाले की मदद नहीं कर सकते।
आप इंसान की आज़ादी छीनकर चरित्र और हिम्मत नहीं बढ़ा सकते ।
आप आपसी द्वेष को बढ़ावा देकर भाईचारा नहीं बढ़ा सकते।
आप अपनी चादर से बाहर पैर पसारने के बाद अपनी मुश्किलों से नहीं बच सकते।
उन कामों को करके जो लोग खुद कर सकते हैं
और जो उन्हें करने ही चाहिए आप उनकी
परमानेंट (permanent) मदद नहीं कर सकते।
अब्राहम लिंकन
हिम्मत न हारो
जब कोई काम बिगड़ जाए,
जैसा कि कभी-कभी होगा
जब रास्ता सिर्फ चढ़ाई का ही दिखता हो
जब पैसे कम और कर्ज ज्यादा हो
जब मुस्कुराहट की इच्छा आह बने,
जब चिंताएँ दबा रही हों
तो सस्ता लो, लेकिन हिम्मत न हारो
भूल-भुलैया है ये जीवन
पगडंडियां जिसकी हमें पार करनी हैं
कई असफल तब लौट गए
पार होते गए जो आगे बड़ते गए
धीमी रफ्तार तो क्या
मंजिल को इक दिन पाओगे
सफलता छिपी असफलता में ही
जैसे शंका के बादल में आशा की चमक
नाप सकोगे क्या इतनी दूरी
दूर दिखती है लेकिन मुमकिन है यह नजदीक हो
सटे रहो चाहे कितनी भी मुश्किल हो
चाहे हालात जितने भी बुरे हों, लेकिन हिम्मत न हारो, डटे रहो।
खतरे
हँसने में बेवकूफ समझे जाने का डर है।
रोने में जज़्बाती समझे जाने का डर है।
लोगों से मिलने में नाते जुड़ जाने का डर है।
अपनी भावनाएं प्रकट करने में
मन की सच्ची बात खुल जाने का डर है।
अपने विचार, अपने अपने लोगों से कहने में
उनके चुरा लिए जाने का डर है।
किसी को प्रेम करने पर बदले में प्रेम न पाने का डर है।
जीने में मरने का डर है।
आशा में निराशा का डर है।
कोशिश करने में असफलता का डर है।
लेकिन खतरे ज़रूर उठाए जाने चाहिए क्योंकि
जिंदगी में खतरे न उठाना ही सबसे बड़ा ख़तरा है।
जो शख्स खतरे नहीं उठाता वह न तो कुछ करता है
न कुछ पाता है, और न ही कुछ बनता है
वे जिंदगी में दुख-दर्द से तो बच सकते हैं लेकिन
वे सीखने, महसूस करने, बदलाव लाने, आगे बढ़ने या प्रेम करने
और जीवन जीने को सीख नहीं पाते हैं।
अपने नज़रिए की जंजीरों में बंधकर गुलाम बन जाते हैं
और अपनी आज़ादी खो देते हैं।
सिर्फ खतरे उठाने वाला इंसान ही सही मायनों में आज़ाद है।
भाग्य
उसने सारा दिन काम किया
और सारी रात काम किया
उसने बोलना छोड़ा
और मौज-मस्ती छोड़ी
उसने ज्ञान के ग्रंथ पढ़े
और नई बातें सीखीं
वह आगे बढ़ता गया
पाने के लिए सफलता जरा-सी
दिल में विश्वास और हिम्मत लिए
वह आगे बढ़ा
और जब वह सफल हुआ
लोगों ने उसे भाग्यशाली कहा।
